होली से पहले बिजली का झटका, UPCL ने जारी किया नया रेट कार्ड।

उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं के लिए फरवरी का महीना महंगाई की मार लेकर आया है। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने फरवरी 2026 के लिए बिजली की नई दरें जारी कर दी हैं। यह बढ़ोतरी फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (FPPCA) के तहत की गई है। ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, बिजली की दरों में 4 पैसे से लेकर 15 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है, जिसका सीधा असर घरेलू रसोई से लेकर बड़े उद्योगों तक पड़ेगा।
किस श्रेणी पर कितना बढ़ा बोझ?
ऊर्जा निगम द्वारा जारी नई दरों के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों में प्रति यूनिट बढ़ोतरी इस प्रकार है:
| उपभोक्ता श्रेणी | बढ़ोतरी (पैसे प्रति यूनिट) |
| बीपीएल (BPL) उपभोक्ता | 0.4 पैसा |
| घरेलू उपभोक्ता | 10 पैसे |
| व्यावसायिक (Commercial) | 14 पैसे |
| सरकारी संस्थान | 13 पैसे |
| उद्योग (Industries) | 13 पैसे |
| रेलवे एवं मिक्स लोड | 12 पैसे |
| अस्थाई कनेक्शन | 15 पैसे |
16.23% बढ़ोतरी का नया प्रस्ताव भी तैयार
एक ओर जहाँ फरवरी में दरें बढ़ी हैं, वहीं दूसरी ओर UPCL बोर्ड ने आगामी वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल 2026 से) के लिए 16.23% की भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग को भेज दिया है। यदि आयोग इस पर मुहर लगाता है, तो अप्रैल से जनता की जेब पर एक और बड़ा प्रहार होगा।
नियामक आयोग करेगा जनसुनवाई
नियामक आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद के अनुसार, प्रस्तावित 16.23% की बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला लेने से पहले 18 फरवरी से प्रदेश के चार शहरों (देहरादून, कर्णप्रयाग, रुद्रपुर और मुनस्यारी) में जनसुनवाई की जाएगी। यहाँ आम जनता और हितधारक अपनी आपत्तियां और सुझाव दर्ज करा सकेंगे।
UPCL का तर्क है कि बाजार में ईंधन की कीमतों और बिजली खरीद की लागत में लगातार हो रहे बदलावों के कारण FPPCA के तहत मासिक समायोजन अनिवार्य है। हालांकि, उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि साल के 12 महीनों में से अधिकांश समय दरों में बढ़ोतरी ही की जा रही है, जो अनुचित है



