2022-06-28

पाकिस्तान पर मंडरा रहा ‘टेरर ब्लैक लिस्ट’ का खतरा

नई दिल्ली। भारत ने पाकिस्तान को याद दिलाया कि उसे एफएटीएफ की ‘काली सूची’ में डाले जाने से बचने के लिए क्या करना चाहिए। एफएटीएफ की चेतावनी के बाद मोदी सरकार ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को समय पर याद दिलाया है कि उसे आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाने होंगे।

भारत ने कहा कि वह पाकिस्तान से आशा करता है कि वह एफएटीएफ कार्य योजना को सितंबर तक प्रभावी तरीके से लागू करेगा और उसकी धरती से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद तथा आतंकी वित्त पोषण संबंधी वैश्विक चिंताओं को दूर करने के लिए ठोस, सत्यापन योग्य और अपरिवर्तनीय कदम उठाएगा।

एफएटीएफ रिपोर्ट के संबंध में मीडिया के सवालों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि एफएटीएफ ने तय किया है कि जनवरी और मई 2019 के लिए तय कार्य योजना को लागू करने में पाकिस्तान की असफलता के मद्देनजर उसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग समीक्षा समूह (आईसीआरजी) की ‘ग्रे सूची’ में रहने दिया जाए।

उन्होंने कहा, ”हम पाकिस्तान से आशा करते हैं कि वह बचे हुए समय में, सितंबर 2019 तक एफएटीएफ कार्ययोजना को पूर्ण और प्रभावी तरीके से लागू करेगा। उसने एफएटीएफ से राजनीतिक वादा किया था कि वह अपनी धरती से उत्पन्न होने वाले आतंकवाद तथा आतंकी वित्त पोषण संबंधी वैश्विक चिंताओं को दूर करने के लिए ठोस, सत्यापन योग्य, अपरिवर्तनीय और विश्वसनीय कदम उठाएगा।

एफएटीएफ ने सख्त शब्दों में पाकिस्तान से कहा है कि वह अंतिम समय सीमा समाप्त होने से पहले कार्य योजना को लागू करे। अगर तय समय सीमा तक पाकिस्तान कार्य योजना को लागू नहीं कर पाता है तो एफएटीएफ अपना अगला कदम उठाएगा और हो सकता है कि पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाए।

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