2022-06-28

बिहार: ‘चमकी’ बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या हुई 111, केंद्र सरकार और राज्य सरकार फेल

बिहार। मुजफ्फरपुर में रविवार को आठ और बच्चों की चमकी के कहर से मौत के बाद अब तक इससे मरनेवाले बच्चों की कुल संख्या बढ़कर 111 जा पहुंची है। लगातार हो रही बच्चों की मौत का यह आंकड़ा पिछले 15 दिनों तक का है। गर्मी बढ़ने से सुबह से गंभीर हाल में बच्चे को अस्पतालों में लाए जाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है।

मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच और केजरीवाल अस्पताल के वार्ड-आईसीयू फुल हो गए हैं। इसी बीच मुजफ्फरपुर में बीमारी का जायजा लेने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन पहुंच गए हैं। उनके साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कई आला अधिकारी और विशेषज्ञ भी साथ में आए हैं।

केंद्र सरकार के निर्देश के बावजूद बीते पांच वर्षों में एसकेएमसीएच में सौ बेड का विशेष एईएस वार्ड नहीं बन सका है। इस वार्ड के निर्माण के लिए सरकार ने राशि भी उपलब्ध करा दी है। फिलहाल, ईएनटी वार्ड के ऊपरी मंजिल पर सौ बेड का पीआईसीयू वार्ड बनाना था। इस विशेष वार्ड के नहीं बनने से चार जगहों पर चमकी-बुखार से पीड़ित बच्चों को रखकर उनका इलाज किया जा रहा है। इससे बच्चों के इलाज में डॉक्टरों व नर्स आदि को परेशानी हो रही है।

एसकेएमसीएच में दूसरी व तीसरी मंजिल पर दो-दो पीआईसीयू बनाया गया है। चार जगहों पर बीमार बच्चों के होने पर इलाज के लिए डॉक्टरों को भी भाग-दौड़ करनी पड़ रही है। पीड़ितों की संख्या और बढ़ने पर उनको आईसीयू वार्ड में भी रखना पड़ सकता है।

एसकेएमसीएच के अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार शाही ने बताया कि मरीजों की अधिक संख्या को देखते हुए पांच साल पूर्व सौ बेड के पीआईसीयू बनाने का निर्देश केंद्र सरकार ने दिया था। इसके लिए जगह का भी चयन कर लिया गया था। बीएमईसीआई को वार्ड का निर्माण करना था।

किसी कारण से अब तक वार्ड तैयार नहीं हो सकता है। जगह की कमी के कारण फिलहाल चार जगहों पर पीआईसीयू बनाया गया है। इससे मरीजों के इलाज में काफी कठिनाई हो रही है। विशेष वार्ड के बनने से एक साथ बच्चों को रखने व उनके इलाज में सुविधा होती।

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