पंजाब में बड़ा सियासी उलटफेर, कई नेता AAP छोड़कर भाजपा में शामिल

पंजाब की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए हैं। सोमवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान भाजपा पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने उन्हें औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल कराया। इस मौके पर बरनाला के व्यवसायी एवं एनआरआई बलजिंदर सिंह बरनाला और आम आदमी पार्टी के अरनीवाला जोहल प्रभारी मनजिंदर सिंह साजन खेड़ा ने भी भाजपा का दामन थामा। भाजपा में इन नेताओं के शामिल होने को पंजाब की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
पार्टी जॉइन करने के बाद ज्ञान सिंह मान ने पंजाब सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है और जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब सरकार पर दिल्ली की टीम का प्रभाव अधिक है, जिसके कारण राज्य की स्वायत्तता प्रभावित हो रही है। ज्ञान सिंह मान ने व्यंग्य करते हुए कहा कि अब जब वे भाजपा में शामिल हो गए हैं, तो उनके घर विजिलेंस की कार्रवाई या छापेमारी होना स्वाभाविक माना जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे आज भी अपने भाई और मुख्यमंत्री भगवंत मान का सम्मान करते हैं, लेकिन पार्टी छोड़ने का फैसला उनका व्यक्तिगत और राजनीतिक विचारों पर आधारित निर्णय है।
इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ये सभी नेता आम आदमी पार्टी से बदलाव की उम्मीद लेकर जुड़े थे, लेकिन जब उनकी उम्मीदें पूरी नहीं हुईं तो उन्होंने भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया। वहीं भाजपा पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि राज्य में कुछ स्थानों पर भाजपा कार्यालयों पर हुए हमले निंदनीय हैं और इसका जवाब दिया जाएगा। जाखड़ ने यह भी चेतावनी दी कि जो भी अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करेगा, उसके खिलाफ समय आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
