उत्तराखंड मंत्रिमंडल विस्तार और दायित्व बंटवारा: विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की बढ़ी धड़कनें, कभी भी आ सकती है नई लिस्ट।

उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही सत्ताधारी दल भाजपा के भीतर ‘दायित्वों’ की रेस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार जल्द ही दायित्वधारियों की पांचवीं सूची जारी कर सकती है। इसके लिए शासन स्तर पर “अंदरखाने” कसरत अंतिम चरण में है।
गोपन विभाग की सक्रियता से बढ़ी हलचल
खबर की पुष्टि इस बात से होती है कि शासन के गोपन विभाग ने राज्य के सभी विभागाध्यक्षों को एक आधिकारिक पत्र जारी किया है। इस पत्र में विभिन्न निगमों, परिषदों और समितियों में खाली पड़े अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य पदों का तत्काल ब्योरा मांगा गया है। रिक्त पदों का डेटा संकलित होते ही इसे अंतिम मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) भेजा जाएगा।
चुनाव से पहले ‘अपनों’ को साधने की रणनीति
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक एक साल पहले दायित्वों का बंटवारा करना भाजपा की संगठन को मजबूत करने की रणनीति है। कैबिनेट विस्तार और दायित्वों की सौगात के जरिए उन विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को संतुष्ट करने की कोशिश की जा रही है, जो लंबे समय से प्रतीक्षारत हैं। भाजपा के शीर्ष सूत्रों का कहना है कि नाम लगभग तय हैं, बस “हाईकमान” की अंतिम हरी झंडी का इंतजार है।
अब तक की सूचियों का सफरनामा (Data Analysis)
सरकार अब तक चार चरणों में दायित्वों का वितरण कर चुकी है। नीचे दी गई तालिका से आप अब तक के घटनाक्रम को समझ सकते हैं:
| सूची क्रम | जारी होने की तिथि | दायित्वधारियों की संख्या |
| पहली सूची | 27 सितंबर 2023 | 10 नेता |
| दूसरी सूची | 14 दिसंबर 2023 | 11 नेता |
| तीसरी सूची | 01 अप्रैल 2025 | 20 नेता |
| चौथी सूची | 04 अप्रैल 2025 | 18 नेता |
| कुल अब तक | 2023 – 2025 | 59 नेता |




