उत्तराखंड

धर्मनगरी में धार्मिक पवित्रता बनाम संविधान: गंगा घाट विवाद में कूदे उत्तराखंड के दिग्गज नेता।

 धर्मनगरी हरिद्वार के गंगा घाटों पर गंगा सभा द्वारा लगाए गए पोस्टरों ने राज्य का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। इन पोस्टरों में गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश को वर्जित बताया गया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने जहां इसे संविधान विरोधी बताया है, वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने धार्मिक मान्यताओं और पवित्रता का हवाला देकर इसका समर्थन किया है।

“मक्का-मदीना की तरह है गंगा की मर्यादा” – महेंद्र भट्ट

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस विवाद पर बयान देते हुए कहा कि जिस तरह हिंदू मक्का-मदीना नहीं जाता, उसी तरह अन्य धर्मों के लोग भी सामान्यतः गंगा स्नान के लिए नहीं आते। उन्होंने गंगा घाटों की आध्यात्मिक पवित्रता को सर्वोपरि बताया। हालांकि, उन्होंने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी जोड़ते हुए कहा कि यदि कोई मुस्लिम गंगा स्नान कर पवित्र होकर सनातन धर्म अपनाना चाहता है, तो उसका स्वागत होना चाहिए।

कांग्रेस का पलटवार: “सामाजिक सौहार्द को खतरा”

विपक्षी दल कांग्रेस ने इन पोस्टरों पर कड़ा ऐतराज जताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और इस तरह के कदम समाज को बांटने वाले हैं। विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ है और प्रदेश के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की कोशिश है।

Related Articles

Back to top button