2023-12-27

इन 5 अभिनेत्रियों पर कम उम्र में ही टूटा मौत का कहर

मुंबई। मौत पर किसी का बस नहीं। मौत की बात इसलिए क्योंकि अगर 20 फरवरी को अभिनेत्री जिया ख़ान ज़िन्दा होतीं तो अपना 31 वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रही होतीं। अमिताभ बच्‍चन जैसे महानायक के साथ अपने करियर की शुरुआत करने वाली जिया ख़ान ने साल 2013 में उस वक़्त सबको नि:शब्‍द कर दिया जब उनके मौत की ख़बर आई। तब वो महज 25 साल की थीं।

बता दें कि जिया साल 2013 में 3 जून को अपने घर पर मृत पाई गई थीं। उन्होंने गले में फांसी लगा कर आत्महत्या की थी लेकिन उनकी मां ने अदालत में जिया के ख़ास दोस्त सूरज पंचोली के ख़िलाफ़ केस दर्ज़ करते हुए आरोप लगाया कि जिया सूरज के साथ पिछले दो दिन से रह रही थी और उसी दिन अपने घर वापस आई थी जिसके बाद उसने ये कदम उठाया।

आमिर के साथ ‘गजनी’ में भी नज़र आई थीं, जबकि उनकी आखिरी फ़िल्म ‘हाउसफुल’ थी। 24 मई 2013 को उन्होंने अपना आखिरी ट्वीट किया– “सॉरी मैं ट्विटर से जा रही हूं। थोड़ा ब्रेक ले रही हूं… कभी-कभी आपको अपनी यादें ताजा करने के लिए आराम की जरूरत पड़ती है। ब्‍वॉयफ्रेंड सूरज पांचोली के साथ अनबन को लेकर चर्चा में रहने वाली जिया 3 जून 2013 को मौत के आगोश में चली गयीं। वह मुंबई के अपने घर पे फांसी के फंदे पर झूलती हुई पाई गईं।

हाल के वर्षों में एक और मौत काफी चर्चित रही। ‘बालिका वधु’ सीरियल में आनंदी के किरदार से घर-घर में अपनी पहचान बनाने वाली टीवी अभिनेत्री प्रत्युषा बनर्जी की मौत को भला कौन भूल सकता है? 2016 में जब प्रत्युषा ने जब सुसाइड किया तब वो महज 25 साल की थीं!

दिव्या भारती की बात करें तो उनकी मौत आज भी एक रहस्य बनी हुई है। महज 19 साल की उम्र में इस दुनिया से विदा लेने वाली दिव्या ने बहुत ही कम समय में इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना ली थी। दिव्या भारती ने अपने अभिनय की शुरुआत तेलुगु फ़िल्म बोब्बिली राजा से साल 1990 में की। लेकिन, उन्हें बड़ी सफलता हिंदी फ़िल्म ‘विश्वात्मा’ से मिली। साल 1992 तक आते-आते भारती ने स्वयं को बॉलीवुड में स्थापित कर लिया था। साल 1992 में आयी फ़िल्म ‘दीवाना’ से दिव्या को स्टारडम मिला। यह शाह रुख़ ख़ान की डेब्यू फ़िल्म थी।

कम उम्र में मौत को गले लगाने वाली अभिनेत्रियों में एक नाम स्मिता पाटिल का भी है। 13 दिसंबर 1986 को महज 31 साल की उम्र में ही नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्ट्रेस स्मिता पाटिल के निधन से बॉलीवुड चौंक सा गया था! राज बब्बर के बेटे प्रतीक बब्बर को जन्म देते ही वो गुज़र गयी थीं। उनका जाना हिंदी सिनेमा का एक बड़ा नुक्सान माना गया।

इसी कड़ी में एक नाम मधुबाला का भी है। महज 36 साल की उम्र में ही इस दुनिया के रंगमंच से अपना किरदार निभा कर विदा लेने से पहले मधुशाला ने अपने अभिनय से हिंदी सिनेमा के आकाश पर एक ऐसी अमिट छाप छोड़ दी कि आज भी कई अभिनेत्रियां उन्हें अपना रोल मॉडल मानती हैं।

About Author

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved jaihindustannews | Newsphere by AF themes.