2022-05-16

राजस्थान में प्रियंका गांधी को राज्यसभा भेजने की तैयारी, रॉबर्ट वाड्रा के नाम पर भी विचार, पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम भी मजबूत दावेदारी में पीके की एंट्री के बाद में बड़े बदलाव

राजस्थान में प्रियंका गांधी को राज्यसभा भेजने की तैयारी है रॉबर्ट वाड्रा के नाम पर भी विचार किया जा रहा है आलाकमान द्वारा और कांग्रेस के पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम भी मजबूत दावेदारी में है मैं अब पीके की एंट्री के बाद में बड़े बदलाव हो सकते हैं कांग्रेस में प्रियंका गांधी जो सोनिया गांधी की बेटी है वह भी अब राजस्थान से होने वाले राज्यसभा चुनाव में इनका भी नाम जा सकता है यहां पर और उनके पति का नाम भी जा सकता है वहीं वित्त मंत्री पूर्व कांग्रेस सरकार ने जो कैबिनेट मिनिस्टर है चुके हैं चिदंबरम इन्हें भी यहां पर 4 सीटों पर राज्यसभा चुनाव होंगे राजस्थान में यहां से भाजपा का कब्जा है अभी और जहां से ओम प्रकाश माथुर केजेएल फोन राजकुमार वर्मा और हर्षवर्धन सिंह का कार्यकाल 4 जुलाई को पूरा हो रहा है ऐसे में यहां पर कांग्रेस की सत्ता है अभी राजस्थान में और जहां पर कांग्रेस के नेताओं की एंट्री हो सकती है राज्यसभा में 4 में से 3 सीटों का गणित तो लगभग किलियर है कि 2 सीटों पर कांग्रेस और एक बीजेपी के खाते में आ सकती है रोमांचक मुकाबला 34 सीट के लिए होगा कांग्रेस बीजेपी दोनों ही पार्टियों के उम्मीदवारों के नाम जो कहेंगे कांग्रेस और बीजेपी में प्रियंका गांधी वाड्रा को राजस्थान से उम्मीदवार घोषित कर सकते हैं
कमान द्वारा रॉबर्ट वाड्रा का नाम पर भी विचार किया जा रहा है राजनीति में उतरने की इच्छा भी जताई थी रॉबर्ट वाड्रा ने मौका दिया जा सकता है ऐसी भी खबर आई थी छत्तीसगढ़ में 2 सीटों पर राज्यसभा चुनाव होगा राजस्थान से कांग्रेस उम्मीदवारों में पूर्व वित्त मंत्री राम राम को लेकर एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है स्थानीय नेताओं की बात करें तो गुजरात प्रभारी रघु शर्मा का नाम की दौड़ में शामिल है 2020 के सियासी संकट के दौरान घायल हो तो पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट के बीच में जमीन कांग्रेस प्रियंका गांधी के दखल के बाद पिक ली थी ऐसे में प्रियंका गांधी राज्यसभा पहुंचे तो राजस्थान में उनका प्रभाव और बढ़ जाएगा और गांधी के साथ पायलट ने कंधे से कंधा मिलाकर कांग्रेस का प्रचार किया था पायलट के प्रति प्रियंका का सपोर्ट कौन रहता है पायलट का प्रभाव भी कांग्रेस में अधिक बनाते हैं पायलट का प्रभाव पड़ेगा तो गहलोत का घट जाएगा सोनिया गांधी की बात कभी नहीं हटाने के कारण गहलोत उनकी गुड बुक में रहते हैं लेकिन जानकार के मुताबिक प्रभाव बढ़ने से पायलट से कार्यकर्ताओं का और ज्यादा जुड़ेंगे एक सीट बचा पाएगी ऐसा बताया जा रहा है 2 उम्मीदवार उतारने की रणनीति कामयाब हो सकती है क्योंकि 34 सीट पर गणित अभी स्पष्ट नहीं है ऐसे में दो बार राज्यसभा चुने गए बीजेपी के ओम प्रकाश माथुर को वापस सुनाओ जलाने की चर्चा भी चल रही है
प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता है क्योंकि वह संघ से जुड़े हुए हैं नरेंद्र मोदी के चेहरे पर दाढ़ी गुजरात चुनाव में पिछले विधानसभा चुनाव में वहां रहकर प्रमुख भूमिका निभाने वाले थे 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के प्रमुख रणनीतिकारों में से थे हालांकि ओम प्रकाश माथुर को टिकट नहीं मिला तो भाजपा हाईकमान बाहर से ही उम्मीदवार चुनकर भेजेगा राजस्थान से किसी नेता को मौका मिलने के आसार कम ही है कांग्रेस से जा सकती है गांधी परिवार की है और कांग्रेस ने भविष्य के नेता के रूप में देखती है भाजपा परिवारवाद के मुद्दे पर गिर सकती है यही माइनस पॉइंट है और रघु शर्मा कांग्रेस के आलाकमान के निर्देश पर मंत्री पद छोड़ चुके और गुजरात का प्रभारी बने हुए हैं इसका फायदा मिल सकता है और लंबे राजनीतिक कैरियर के बावजूद राजस्थान में सर्वमान्य नेता नहीं बनी गांधी परिवार से जुड़े ऐसे में राज्यसभा में मौका मिल सकता है रॉबर्ट वाड्रा को और काग्रेस कार्यकर्ताओं जनता में नेता के रूप में स्वीकार्य नहीं है ऐसे में पी चिदंबरम में जो वित्त मंत्री गृह मंत्री रह चुके हैं केंद्र सरकार में कांग्रेस की तरफ से पूर्व दिग्गज नेता भाजपा की आर्थिक एवं वित्तीय नीतियों के विरोध करने में सक्षम राजस्थान में 108 एंबुलेंस घोटाले में चिदंबरम के बेटे का नाम भी सामने आया था ओम प्रकाश माथुर भाजपा में लो प्रोफाइल रहकर लंबे समय से काम कर रहे हैं मोदी शाह से दूरी की चर्चाएं पांच राज्यों में चुनाव में खास भूमिका नहीं पार्टी के बस नेता मान रहे हैं
दूसरी सीट पर जीतना आसान नहीं है लेकिन असंभव भी नहीं है ऐसा चेहरा तलाश रही है जो कांग्रेस के बीच है कि नहीं बल्कि निर्दलीयों पर छोटे यहां पर दलों के लिए विधायकों को भी प्रभावित करें भाजपा किसी बड़े बिजनेसमैन को भी दूसरा उम्मीदवार बनाने पर विचार कर रही है 34 सीट के लिए कांग्रेस को भी निर्दलीयों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी ऐसे ही निर्दलीयों को साधने के लिए कांग्रेस के बड़े बिजनेसमैन को उम्मीदवार बनाने की सोच रही है 2020 में 3 सीटों पर राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पास एक सीट का संख्या बल था कांग्रेसी खेमे में हलचल मचाने के बाद में दूसरे उम्मीदवार के रूप में पार्टी नेता ओंकार सिंह लखावत को उतार दिया था कांग्रेस को बड़े बंदी भी करनी पड़ी थी उस समय पायलट के मां बन जाने के कारण कांग्रेसमें पहले ही तनाव का माहौल था और इस बार ही भाजपा दूसरा उम्मीदवार उतारेगी तो बाड़े बंद होना तय माना जा रहा है अभी अगर बात करें तो कांग्रेस के पास में 108 सदस्य हैं और बीजेपी के पास में 71 है निर्दलीय तेरा है आर एल बी 3 है मा का पा पार्टी दो पद और बीटीपी दो यह राजस्थान की विधानसभा के बारे में बता रहे हैं
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