2022-05-16

कांग्रेस में PK का रोल तय, सोनिया दे सकती हैं रणनीति और गठबंधन का जिम्मा, 2 CM ने दिए एंट्री पर संकेत, स्ट्रैटजी और अलांयस की भूमिका में आते ही प्रशांत के जिम्मे दो बड़े काम होंगे…

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रशांत किशोर एक ब्रांड बन चुके हैं 2014 में नरेंद्र मोदी के साथ थे उसके बाद में नीतीश कुमार के साथ थे और फिर गहलोत ने बताया कि पीके कैसे बनेंगे कांग्रेस के तारणहार राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की जमकर तारीफ की गहलोत ने बुधवार को प्रशांत किशोर के बारे में बताया कि देश के एक ब्रांड बन चुके हैं उनका अनुभव इतना है कि उसका इस्तेमाल विपक्ष को एकजुट करने में किया जा सकता है गहलोत ने बयान इस समय ऐसा आया कि प्रशांत किशोर कि कांग्रेस हाईकमान के साथ लगातार बैठे के चल रही है और माना जा रहा है कि प्रशांत किशोर कांग्रेस में नई जान फूंकने के मंत्र सोनिया गांधी प्रियंका गांधी को दे रहे हैं
प्रशांत किशोर जल्द ही कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर सकते हैं और सोनिया गांधी समेत कांग्रेस के टॉप लीडरशिप के साथ में प्रशांत किशोर की पिछले 4 सालों में तीन बार लंबी बैठक हो चुकी है इसी दौरान खबर यह भी है कि प्रशांत ने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की रणनीति को लेकर प्रेजेंटेशन दिया है प्रशांत ने कांग्रेस को सुझाव दिया है कि उसे लोकसभा की 370 सीटों पर फोकस करते हुए आगे बढ़ना चाहिए महाराष्ट्र बंगाल और तमिलनाडु में गठबंधन पर भरोसा करना चाहिए यूपी बिहार में एकला चलो की नीति अपनानी चाहिए कांग्रेसमें कई नेता प्रशांत किशोर को पार्टी में शामिल करने पर जोर दे रहे हैं
इस बारे में अंतिम फैसला सोनिया गांधी को करना है प्रशांत किशोर को लेकर कांग्रेस में चल रही सरगर्मी के बीच में राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत का बयान आया है बुधवार को उन्होंने दिल्ली में कहा कि प्रशांत किशोर एक ब्रांड बन चुके हैं पहले 2014 में नरेंद्र मोदी के साथ थे और नीतीश कुमार का साथ दिया उन्होंने उसके बाद में पंजाब में कांग्रेस और बाकी कई चीजों में भी उन्होंने अलग-अलग पार्टी में काम किया है ऐसे में हम भी एक्सपर्ट और एजेंसियों से चला लेते हैं उनकी प्रशांत किशोर का अनुभव देश में विपक्षी दलों को एकजुट करने में काफी लाभदायक साबित हो सकता है अशोक गहलोत ने देश के कथित मुहावरे को लेकर एक बात पर चिंता जताई है कहा कि देश किस रास्ते पर जा रहा है राज्य में हिंसा हो रही है सोशल मीडिया पर लोगों को भड़काया जा रहा है एक खतरनाक राजनीतिक है लोगों को इससे सावधान रहना चाहिए हिंसा का जवाब हिंसा कभी नहीं होना चाहिए
कांग्रेस ने पीके का रोल तय होगा सोनिया दे सकती है रणनीति और गठबंधन का जिम्मा 2cm की एंट्री होने के बाद में पॉजिटिव संकेत मिले हैं ऐसे बदलेगी ग्रैंड ओल्ड पार्टी कांग्रेस जिस में कुछ बदलाव देखे जा सकते हैं संगठन के बेहतर संचालन के लिए फुल टाइम पार्टी प्रेसिडेंट भाजपा से मुकाबले वाले राज्य में पार्टी स्ट्रक्चर में बदलाव पार्टी में कम्युनिकेशन सिस्टम में बदलाव करने की जरूरत 6 महीने तक चली बैठक के बाद में मुलाकात होगी दौर के बाद में कांग्रेस में प्रशांत किशोर की मानी जा रही है और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस सोनिया गांधी से मुलाकात हुई थी दोनों की पीके के मसले पर राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत ने भी कहा कि प्रशांत किशोर जैसे इस ट्रस्ट का अनुभव कांग्रेस के लिए फायदेमंद होगा पीके को पार्टी महासचिव का रोल भी दिया जा सकता है और अलायंस पर काम करेंगे ऐसा होता है तो कांग्रेस में पहली बार किस तरह के पद बनाए जाएंगे यानी 2024 लोकसभा चुनाव के लिए प्रशांत कांग्रेस की चुनावी रणनीति और दूसरी पार्टी के साथ में गठबंधन पर फैसला लेंगे अक्टूबर 2021 में राहुल प्रियंका से मुलाकात हुई थी
प्रशांत किशोर की और पार्टी में अपनी भूमिका का जिक्र भी किया था पार्टी के पैसे देने वाली सबसे बड़ी बॉडी कांग्रेस वर्किंग कमेटी सीडब्ल्यूसी के सदस्यों के विरोध के बदले पीके की एंट्री कल गई थी अब प्रशांत के कांग्रेस में शामिल होने उनकी भूमिका को लेकर हाईकमान की मुहर लगभग लग चुकी है ऐसे में अंग्रेजी की भूमिका में आती है प्रशांत के जिम में दो बड़े काम होंगे प्रशांत विधानसभा लोकसभा चुनाव में पार्टी के लिए रणनीति तैयार करेंगे राज्य के प्रभारी से सीधे कनेक्ट होकर रणनीति को अमल में लाएंगे पीके कांग्रेस में गठबंधन सहयोगी के साथ में बातचीत और सीट बंटवारे का काम देखेंगे वे इसकी रिपोर्ट सीधे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को करेंगे लोकसभा में किस के पास में कितनी सीटें होगी प्रशांत किशोर ने अपने प्रेजेंटेशन में कांग्रेस में जान फूंकने के लिए कई सुझाव दिया है जिसमें देशभर में लोकसभा की 370 सीटों पर फोकस बिहार यूपी ओडिशा में एकला चलो और तमिलनाडु महाराष्ट्र में गठबंधन करने की रणनीति शामिल है मजबूत सहयोगी दलों को ड्राइविंग सीट दे कमजोर है
वहां पर इसके अलावा पीके ने सुझाव दिया कि कांग्रेस के कम्युनिकेशन सिस्टम में बदलाव की जरूरत है पीके ने कहा कि कांग्रेस में एक फुल टाइम प्रेसिडेंट की जरूरत है जो संगठन को चला सके प्रशांत पिछले 10 सालों में अलग-अलग नेताओं की चुनावी रणनीति बनाने में काम कर चुके हैं प्रधानमंत्री मोदी तमिलनाडु के सीएम महाराष्ट्र के सीएम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी बिहार के सीएम नीतीश कुमार और आंध्र प्रदेश के सीएम जगन मोहन रेड्डी के प्रमुख है पीके के आने के बाद में इस पद पर पश्चिम बंगाल आंध्रप्रदेश महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी मजबूत होकर सहयोगी दलों के साथ में चल रही है करीब 8 साल से 8 राज्यों का अनुभव है ऐसे में इंद्राज में पीके की रणनीति पार्टी के लिए फायदेमंद हो सकती है प्रशांत भाजपा के साथ भी काम कर चुके हैं ऐसे में कांग्रेस भाजपा की कमजोरी मजबूती भी अच्छी तरीके से जानते हैं यह चुनावी रणनीति के लिए फायदेमंद होगा पुरानी कांग्रेस पार्टी पहली बार किसी चुनावी रणनीतिकार को पार्टी में शामिल कराने की इच्छा कर रही है यहां पर पीके कोलायत पड़ रही है पीके की वरिष्ठ पत्रकार कुछ कई सवाल जवाब में बता रहे हैं
ट्रेडिशनल तरीका बदल चुका है चुनाव प्रोफेशनल तरीके से लड़ा जा रहा है यह महसूस कर रहा है कि पीके के आगे से कांग्रेस में प्रोफेशनलिज्म का तड़का लग सकता है पिछले दो दशक से ज्यादा समय से कांग्रेस में अहमद पटेल पॉलीटिकल क्राइसिस और मोतीलाल बोरा फाइनेंशियल क्राइसिस का निपटारा करते थे दोनों के निधन के बाद में कांग्रेस में अब तक कोई भी उनका रोल नहीं ले पाया कई राज्य में कांग्रेस के भीतर अंदरूनी लड़ाई भी जारी है चुनाव के समय कांग्रेस के नेता एक दूसरे से लड़ते हैं चुनौती में पीके कैसे पार कर पाएंगे अशांत गांव में क्या करना चाहिए बंगाल समेत कई चुनाव देख सकते हैं मुझे लगता है कि पीके के आदमी से कांग्रेस चुनाव लड़ने के तरीके को सीख जाएगी यूपी बिहार मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ राजस्थान गुजरात हरियाणा पश्चिम बंगाल जी से राज्य में अभी पार्टी के पास में करीब 10 साल शादी है और यहां पर इन सभी राज्य में पार्टी के भीतर अंदरूनी लड़ाई भी चल रही है ऐसे में 2024 तक इसे खत्म कर पटरी पर लाना वापस आसान नहीं होगा इसके अलावा प्रशांत किशोर के सामने पार्टी के भीतर बने जी त्यागी इस नेताओं को किसी के साथ लेकर चलने की चुनौती होगी पीके की मीटिंग में जीते इसके नेता शामिल नहीं हुए हैं ऐसे में उनके शामिल होने के बाद में जीते इसके नेता पीके का स्वागत करेंगे इस साल से है
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