2023-10-02

मोदी सरकार का कड़ा कदम, यासीन मलिक के संगठन JKLF पर लगाया प्रतिबंध

नई दिल्ली। सीमा पार आतंकी ठिकानों को नेस्तानाबूद करने के बाद कश्मीर में आतंकियों और उनके आकाओं के साथ-साथ फंडिंग के स्त्रोतों पर सर्जिकल स्ट्राइक जारी है।

जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं ईडी को आतंकी फंडिंग को रोकने और उससे बनाई गई संपत्तियों को जब्त करने में बड़ी कामयाबी मिली है। सरकार अलगाववादी नेताओं को मिल रही सरकारी सुरक्षा पहले ही वापस ले चुकी है।

सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति ने जेकेएलएफ को प्रतिबंधित सूची में डालने का फैसला किया। जेकेएलएफ को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून के विभिन्न धाराओं के तहत प्रतिबंधित किया गया है। इसके नेता यासिन मलिक पहले से हिरासत में है और फिलहाल जम्मू की जेल में बंद है।

जेकेएलएफ अलगाववादी संगठन हुर्रियत कांफ्रेंस का हिस्सा है और 1988 से ही घाटी में हिंसक वारदातों में शामिल रहा है। गृहमंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 1989 में घाटी में कश्मीरी पंडितों की हत्या और उन्हें पलायन के लिए मजबूर करने में यासिन मलिक की अहम भूमिका थी और वह कश्मीरी पंडितों के नरसंहार का जिम्मेदार था।

जेकेएलएफ के खिलाफ आतंकी हमले, हत्या और हिंसा के जम्मू-कश्मीर पुलिस में कुल 37 एफआइआर दर्ज हैं। वायु सेना के जवानों की हत्या के दो मामलों की जांच सीबीआइ कर रही है। इसके अलावा एनआइए ने भी हाल ही में एक केस दर्ज किया है।

वीपी सिंह की सरकार में गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबिया सईद के अपहरण और इसके बदले में आतंकियों को छुड़ाने में भी यासिन मलिक की अहम भूमिका थी। हैरानी की बात यह है कि इनमें किसी भी मामले में यासिन मलिक और जेकेएलएफ के खिलाफ आजतक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। जबकि यासिन मलिक खुलेआम वायुसेना के चार जवानों की हत्या की बात कबूल कर चुका है।

About Author

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved jaihindustannews | Newsphere by AF themes.