2022-06-29

आज गुजरात से टकराएगा चक्रवात ‘वायु’, 3 लाख लोगों को पहुंचाया सुरक्षित स्थान पर

डेस्क। गुजरात सरकार ने चक्रवात ‘वायु’ से निपटने के लिए करीब तीन लाख लोगों को को तटीय इलाके से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है। गुजरात के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि वायु चक्रवात से प्रभावित इलाकों से अब तक 1,64,090 लोगों को निकाला जा चुका है।

राज्य के सौराष्ट्र और कच्छ के निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने वायु से निपटने के लिए बुधवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई। सभी सरकारी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। प्रभारी मंत्रियों को उनके जिलों में रहने की ताकीद की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी पर्यटकों से किसी सुरक्षित जगह पर जाने के लिए कहा है।

महाराष्ट्र के सिंधदुर्ग जिले की मालवन तहसील के देवबाग गांव में बुधवार को भारी समुद्री लहरों ने तबाही मचा दी। जिला कलेक्ट्रेट के एक अधिकारी ने बताया कि देवबाग के निचले इलाके में स्थित रहने के कारण यह अक्सर समुद्र में लहर उठने पर जलमग्न हो जाता है। अभी तक स्थिति नियंत्रण में है।

11 जिलों के स्कूलों में 2 दिन छुट्टी
वायु के मद्देजनर गुजरात के तटवर्ती जिलों व्यापक एहतियाती उपाय किए गए हैं। तटवर्ती 11 जिलों के स्कूलों में बुधवार और गुरुवार को अवकाश की घोषणा कर दी गई है।

तटीय गुजरात इलाके की ट्रेनें निरस्त
पश्चिम रेलवे ने गुजरात के तटीय इलाकों से गुजरने वाली कुछ ट्रेनों को चक्रवात ‘वायु’ से प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर निरस्त कर दिया है। वेरावल, ओखा, पोरबंदर, भावनगर, भुज और गांधीधाम स्टेशन तक जाने वाली सभी पैसेंजर और मेल ट्रेनें बुधवार शाम छह बजे से शुक्रवार सुबह तक या तो रद्द रहेंगी अथवा उन्हें बीच में ही समाप्त कर दिया जाएगा।

विमान सेवाएं रद्द
कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र स्थित सभी हवाई अड्डों को अपने संचालन पूरी तरह से बंद करने को कहा गया है। इन क्षेत्रों के लिए उड़ान भरने वाले विमानों को भी रद्द कर दिया गया है।

चक्रवात ‘वायु’ से बचे रहने को लेकर रत्नागिरी बंदरगाह (महाराष्ट्र) पर चीन के 10 जहाजों को रुकने की इजाजत दी गई है। कोस्टगार्ड आईजी केआर सुरेश ने यह जानकारी दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को सुरक्षित रहने के लिए स्थानीय एजेंसियों द्वारा मुहैया कराई जा रही जानकारी का अनुसरण करते रहने के लिए कहा है। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ‘चक्रवात वायु से प्रभावित होने वाले सभी लोगों की सुरक्षा और हित के लिए प्रार्थना करता हूं। सरकार और स्थानीय एजेंसी जानकारी मुहैया करा रही हैं, जिसका मैं प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों से अनुसरण करने का अनुरोध करता हूं।

मदद के लिए तैयार रहें कांग्रेस कार्यकर्ता: राहुल
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को राज्य के पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे प्रभावित लोगों की मदद के लिए कमर कस लें। गांधी ने ट्वीट किया, चक्रवात ‘वायु’ गुजरात तट के करीब पहुंचने वाला है। मैं गुजरात के सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे इसके रास्ते में आने वाले सभी क्षेत्रों में मदद के लिए तैयार रहें। मैं चक्रवात से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के सभी लोगों की सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रार्थना करता हूं।’

वायु का कहर
– 155 से 165 किलोमीटर की रफ्तार से गुजरेगा चक्रवात द्वारका और वेरावल के बीच।
– 408 तटवर्ती गांवों पर पड़ सकता है असर।
– 60 लाख आबादी प्रदेश की प्रभावित हो सकती है।
– 11 जिले गुजरात के होंगे इससे प्रभावित।
– 24 घंटे चक्रवात का दिखाई दे सकता है विकराल रूप।
– 39 टुकड़ियां एनडीआरएफ की तैनात की गई हैं।

सतर्कता
– गुजरात के सभी सरकारी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
– हजारों की संख्या में मछुआरों की नौकाएं वापस लौट आई हैं।
– घोघा और दहेज के बीच खंभात की खाड़ी में चलने वाली रो-रो फेरी सेवा को तीन दिन के लिए बंद।
– तटवर्ती गांवों ओर निचले इलाकों से लोगों को स्थानांतरित करने का काम बुधवार सुबह शुरू।
– राहत और बचाव कार्य के लिए सेना के तीनों अंगों को भी तैयार रखा गया है।
– समुद्र तटों पर लोगों को नहीं जाने की सलाह दी गई है।
– रेल प्रशासन जेसीबी, पेड़ काटने की मशीन, पानी के टैंक, ट्रैक्टर,जेनरेटर जैसे सामान को तैयार रखे।

– बिजली और संचार लाइनों के बाधित हो सकती हैं।
– सड़कों और फसलों को बड़ी क्षति होने का अनुमान है।
– तूफान के मद्देनजर तटवर्ती इलाकों में भारी वर्षा की आशंका जताई गई है।
– वायु की वजह से पाकिस्तान के तटीय इलाकों तक हीट वेव (गर्मी) बढ़ सकती है।
– वायु की वजह से अरब सागर में दबाव का क्षेत्र बनेगा और इससे तापमान बढ़ेगा।

गुजरात में पहले दो बार ऐसे तूफानों की चेतावनी अंत में फुस्स साबित हुई थी। 2014 के अक्तूबर में नीलोफर तूफान और 2017 दिसंबर में ओखी तूफान गुजरात तट से टकराते समय महज निम्न दबाव के मामूली क्षेत्र में तब्दील हो गए थे। इनसे कोई नुकसान नहीं हुआ था जबकि इनसे निपटने के लिए व्यापक तैयारी की गई थी।

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